फर्क नहीं पड़ता उन्हें कोई फर्क ना पड़ा हमें भुलाने मे।हमारी तो याद करते करते पूरी जिंदगी निकल गई।उनके लिए महज पर्दा जला है महल का।हमारे लिए तो पूरी की पूरी बस्ती जल गई।