लीक से हटकर














































इन्हीं के लिए राम का गुणगान किया तुलसीदास ने

इन्हीं में से कवियों ने बनाए कृष्ण और प्रहलाद

इन्हीं में से बने विक्रमादित्य और अशोक

इन्हीं में से बने मोरध्वज और हरीशचंद्र

इन्हीं में से बने बिरला और भामाशाह

इन्हीं में से बने रवीन्द्रनाथ और रमन

महात्मा गांधी जवाहरलाल और सुभाष

दीनदयाल श्यामाप्रसाद और अटल

इन्हीं में से केजरीवाल


तुलसीदास ने तो प्रभु

ऐसी दौड़ लगाई भाव की संकरी गली में

कि सदा के लिए इन तीन वर्णों को अपना मुरीद कर लिया

किंतु शूद्रों नारियों आदिवासियों और भिन्न धर्मियों को दी

कालकोठरी की सजा


अब तू जानता है

क्योंकि तू ही तो है राम कृष्ण और अल्लाह

ईसा मोहम्मद और वाहेगुरू

अकाल पुरुख भी तू ही है

तू ही है तीन वर्ण और तुलसीदास

तू ही है कवि राजा सेठ और नेता

मैं भी तो तू ही है ना परमात्मा

और ये भी तो मेरे हैं

मेरे भाई हैं

जिनसे मैंने अभी अभी कहा मेरी जान को खतरा है


ऐसा कर इन्हें एक गदा मार दे

ताकि इनकी आँखें खुल जाएं।


SCs - 15%

STs - 7.5%

OBCs - 52%

Muslims - 14%

Sikhs - 2%

Christians - 2%

Boudhs - 2%

Females - 50%



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