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लीक से हटकर







































































भूत

वीरेन्द्र कुमार



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भूत छाएं हैं

रात दिन प्रसारित हो रही है भूतबानी

यह भूतों का युग है


एक से एक भूत

चाहे सारे दिन बांस पर चढ़ाओ-उतारो

चाहे किसी को गाली दिलवाओ

चाहे किसी को पिटवाओ

चाहे बिना हथियार आदमी मरवाओ

बड़ी सहूलियत है नेताओं को

मुफ्त में भूतों से मनचाहा काम कराने की


भूत बहाने बनाने में गजब है

भारत माता की जय न बोलने का इल्जाम लगाकर

किसी को भी दो चार हाथ लगा देते हैं

धार्मिक भूत और भी अजब मसखरे हैं

हर मांस को गऊ का मांस बनाना

हर प्रेम को लव जिहाद बनाना

लोगों को बिना टिकट-वीजा पाकिस्तान भिजवाना

बिना बात भड़काना

हड़काना

उनके बाएं हाथ का खेल है


एक भूत एक पढ़ी-लिखी जवान औरत में घुस गया

वह एक साधु के पीछे चप्पल लेकर दौड़ी

जब साधु उसके हाथ नहीं आया

तो उसके साथी भूतों ने

साधु की पगड़ी खोल दी धक्के दिए गालियां दीं सो अलग


एक बार तो हजारों भूत

पुलिस की वर्दी पहनकर

रामलीला मैदान में

आधी रात

सोए हुए योगियों पर पिल पड़े

दे डंडे दे डंडे

योगियों का भूत बना दिया

योगियों का नेता साधु था

वह इतना डरा इतना डरा

कि दस फुट ऊंचे आसन से कूद गया

योगिनियों में जा छुपा

उनके कपड़े पहनकर भागा तो जान बची

पर भूत भी कहां हार मानने वाले थे

थोड़ी दूर पर जा पकड़ा


और सबसे भयंकर बात तो भोपाल में हुई

एक भूत जहरीले रसायन की टंकी में घुसकर

रिस पड़ा

फिर क्या था वह गैस बना वह गैस बना

लोग कीड़े-मकोड़ों से मर गए

जो बचे रोगी और विकलांग हो गए

उम्र भर के लिए

आने वाले बच्चे भी उनके टेढ़े-मेढ़े पैदा हुए


तुम्हें एक राज की बात बताऊं

जरा कान इधर करो

देश का सबसे बड़ा नेता

सबसे बड़े उद्योगपति का भूत है

और वह उद्योगपति जोक का भूत है।


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