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अनुवाद


गाथा सप्तशती    -    अनुवादक वीरेंद्र कुमार

गाथा सप्तशती महाकवि हाल द्वारा महाराष्ट्री प्राकृत की कोटी गाथाओं में से चयनित 700 गाथाओं का संग्रह है। यह 10वीं 12वीं शताब्दी के बीच का संकलन है। गाथा प्राकृत का छंद है जिसका संस्कृत के आर्या छंद की भांति प्रथम चरण 12 मात्राओं का द्वितीय चरण 18 मात्राओं का तृतीय चरण 12 मात्राओं का और चतुर्थ चरण 15 मात्राओं का होता है। गाथा ललित मधुर श्रंगारी और युवतियों को प्रिय कही गई हैं। इनकी समतुल्य कविता संस्कृत में भी नहीं है।